देव एक्सेलरेटर लिमिटेड (DevX), जो फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशंस यानी को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस जैसी सेवाएँ देती है, ने अपनी पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के शेयर बुधवार को करीब 2.8% चढ़कर ₹53.35 तक पहुँचे, जबकि इसका बाज़ार मूल्य ₹471.32 करोड़ रहा।

यह उछाल कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बाद आया, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
नतीजों की झलक
देव एक्सेलरेटर के Q1FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने बीते साल की तुलना में अपनी कमाई में जबरदस्त सुधार किया है।
| विवरण | Q1FY25 | Q4FY25 | Q1FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| राजस्व | ₹24.91 करोड़ | ₹65.40 करोड़ | ₹55.62 करोड़ | +123% YoY, -15% QoQ |
| शुद्ध लाभ | ₹(5.97) करोड़ | ₹2.1 करोड़ | ₹0.13 करोड़ | घाटे से मुनाफा |
| प्रति शेयर आय (EPS) | ₹– | ₹0.32 | ₹0.02 | घटा |
कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही के ₹5.97 करोड़ के घाटे को खत्म करते हुए ₹0.13 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है।
हालाँकि, पिछली तिमाही की तुलना में लाभ में 94% गिरावट रही है, लेकिन यह घाटे से मुनाफे की वापसी एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
कंपनी की स्थिति और विस्तार योजना
देव एक्सेलरेटर भारत की प्रमुख फ्लेक्स ऑफिस ऑपरेटर कंपनियों में से एक है, जो खास तौर पर टियर-2 शहरों में अपनी पकड़ मज़बूत बना रही है।
कंपनी के पास 8.6 लाख वर्ग फुट से ज़्यादा स्पेस है और यह देशभर में 11 शहरों में 28 केंद्र चला रही है, जिनमें से 85% स्पेस पहले से बुक हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शीर्ष 10 ग्राहक अब कुल राजस्व का 44.39% दे रहे हैं, जो FY25 में 38.58% था।
इससे पता चलता है कि कंपनी के प्रमुख क्लाइंट्स से कारोबार बढ़ा है या उनका योगदान और केंद्रित हुआ है।
आईपीओ से जुटाई रकम का इस्तेमाल
देव एक्सेलरेटर ने हाल ही में अपना ₹143.35 करोड़ का आईपीओ लॉन्च किया था।
यह इश्यू 10 से 12 सितंबर 2025 के बीच खुला था और 17 सितंबर 2025 को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुआ।
प्रति शेयर मूल्य बैंड ₹61 तय किया गया था, और प्रत्येक आवेदन के लिए 235 शेयरों का लॉट साइज रखा गया था।
आईपीओ से जुटाई पूंजी का उपयोग तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए होगा:
- ₹73.12 करोड़ – नए केंद्रों के निर्माण और सिक्योरिटी डिपॉज़िट के लिए
- ₹35 करोड़ – कर्ज़ की अदायगी और एनसीडी (बॉन्ड) रिडेम्प्शन के लिए
- ₹19.26 करोड़ – सामान्य कॉर्पोरेट उपयोग के लिए
निष्कर्ष
देव एक्सेलरेटर का प्रदर्शन बताता है कि भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है, ख़ासकर टियर-2 शहरों में।
कंपनी की मजबूत उपस्थिति, अनुभवी नेतृत्व और हालिया आईपीओ से जुटाई गई पूंजी इसके विस्तार को और गति दे सकती है। हालाँकि तिमाही आधार पर मुनाफे में कमी आई है, लेकिन 123% सालाना राजस्व वृद्धि दिखाती है कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
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